बिखड़ी पंखुड़ियां : दिलकश बातें
किसी की दिलकश बातें, मैं तो दिल से मान बैठा हूँ,
मैं अपना तन-ओ-मन, बस एक तुम्हीं पर हार बैठा हूँ,
ठुकरा दो, मुझे इसका, तनिक भी डर नही है अब,
कि खुद को मैं कभी का, बस तेरा ही, मान बैठा हूँ।
किसी की दिलकश बातें, मैं तो दिल से मान बैठा हूँ,
मैं अपना तन-ओ-मन, बस एक तुम्हीं पर हार बैठा हूँ,
ठुकरा दो, मुझे इसका, तनिक भी डर नही है अब,
कि खुद को मैं कभी का, बस तेरा ही, मान बैठा हूँ।
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