तुम मिलो तो मुझे (e)

तुम मिलो तो मुझे, इस जन्म उस जन्म,
कुछ कहें इश्क़ में, हमको तुम, तुमको हम।
यूं ही लड़ते हुए, उम्र बीते तो क्या।
जब गिरें थाम लें, हमको तुम, तुमको हम।


ये जमाना रहा, प्रेम पर क्रूरतम,
चुप जो अल्फ़ाज़ हैं, बिन कहे जान लो,
कोई तेरा सहारा बने न बने,
दिल मे जो है तेरे बस उसे ठान लो।
मंजिलों का पता खुद कहेगी हवा,
थाम कर आ चलें, हमको तुम, तुमको हम।
तुम मिलो तो मुझे, इस जन्म उस जन्म,
कुछ कहें इश्क़ में, हमको तुम, तुमको हम।


दूर होने की कोई भी सूरत प्रिये,
ये जमाना गढ़ेगा, बहकना नही,
जग में पूरी न होगी कमी प्रेम की,
पर जमाना कहेगा, बदलना नही,
तन की दूरी से कब है घटी प्रीत ये,
मन से रब मान लें, हमको तुम तुमको हम।
तुम मिलो तो मुझे, इस जन्म उस जन्म,
कुछ कहें इश्क़ में, हमको तुम, तुमको हम।


दीप ये झिलमिलाता रहा रात भर, 
आस ने इसको हरगिज न बुझने दिया,
तुमसे कैसे कहें प्रेम की बेबसी,
प्रेम ने ही कभी कुछ न कहने दिया,
प्रेम के मायने जग ये बदले मगर,
प्रीत से बांध लें हमको तुम, तुमको हम
तुम मिलो तो मुझे, इस जन्म उस जन्म,
कुछ कहें इश्क़ में, हमको तुम, तुमको हम।

Comments

Popular posts from this blog

मोक्ष तजना चाहता हूँ (#304)

भारत और नदियों की दुर्दशा

दिल का ठिकाना याद है