ये जुदाई तो कोई जुदाई नहीं P306
ये जुदाई तो कोई जुदाई नहीं, गीत ग़म का तो है, पर रुलाई नहीं। फिर से मिलना है हमको, बिछड़ लेने दो, प्यार है ही नहीं, जब लड़ाई नहीं। दिल ने हँसना किया जो शुरू, देखिए, इस ज़माने का उड़ता सुकून देखिए, तुमसे मिलने को अरमान बेचैन हैं, मेरे दिल में ये पलता जुनून देखिए। दिल का कहना है तुझको ख़ुदा मैं कहूँ, सच्ची बातों को कहना बुराई नहीं। तेरी यादों में मौसम ठहर-सा गया, वक़्त जमने लगा, पल पहर-सा गया, दूरियाँ जिस्म तक ही हैं सीमित रहीं, दिल तो हर पल तेरे बिन सिहर-सा गया। प्यार की राह में फ़ासला कुछ भी हो, दिल से दिल का मिलन तो जुदाई नहीं। तेरी आँखों की जब मैं चमक देखता, अपने होने का इनमें सबब देखता, तू मेरे पास हो तो जहाँ भूलकर, तेरे चेहरे में अपना फ़लक देखता। इश्क़ सच्चा जो हो तो किसी बात की, बंदिशें लाख हों, बेवफ़ाई नहीं। रूठना भी ज़रूरी है अपना, प्रिये, फिर महकना है धरती-सी ख़ुशबू लिए, दिल अगर दिल से मिलना न चाहे कभी, फिर मोहब्बत कहाँ, सिर्फ़ रस्में जिए। प्यार में मान-मनुहार होती रहे, हर घड़ी एक जैसी तो आई नहीं।