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झलक तुम्हारी देखी

एक झलक तुम्हारी देखी, दिल अब तक थमा नही है, हर ओर नशा सा छाया, दिल अब तक रमा वहीं है। दिन महीने सालों गुजरे, पर चैन नही है आया, दिल के अम्बर पर तू ही, बन चाँद है कब से छाया, तब से पूनम हैं रातें, अब कोई अमा नही है। एक झलक तुम्हारी देखी, दिल अब तक थमा नही है। कोई तो होगी सूरत, फिर साथ तुम्हारा पाऊँ, जम कर बैठूं पीने मैं, हर जाम तुम्हारा चाहूँ, वो जाम पिला जो साकी, दुनिया में बना नही है, एक झलक तुम्हारी देखी, दिल अब तक थमा नही है। तू कह दे तो कह दूँ मैं, दुनिया से सारी कहानी, दिल अर्पण तुझको कर दूँ, दे दूँ ये सारी जवानी, है पंख लगे स्वप्नों को, घर कोई बना नही है, एक झलक तुम्हारी देखी, दिल अब तक थमा नही है।

जीवन है महका ये तुमसे

जीवन है महका ये तुमसे, आंगन फिर चहका ये तुमसे, बन कस्तूरी उतर गए मन, अटल प्रेम दहका ये तुमसे। जीवन है महका ये तुमसे। मन मे है जो प्रेम सरिता, थाम उसे कब तक पाओगी, प्रेम मिलन के जज...

मेरी कहानी

चंद शब्दों में बोलो कह दूं, मेरी जवानी की सब कहानी, तेरी सूरत पर दिल आना, और आंखों से बहता पानी,

आस जगाना छोड़ो (e)

तुम मिल जाओ, स्वप्नों में, या आना जाना छोड़ो। मन के सागर में भीषण, तूफान उठाना छोड़ो। मुश्किल बड़ा समझाना, इस मन को अब बहलाना, तुम आओ या न आओ, यूं आस जगाना छोड़ो, मन के सागर में भीषण, तूफान उठाना छोड़ो। जो लिख दूं मैं शब्दों में, कोई पीर नहीं ये छोटी, सुख में रोती थीं आंखें, अब दुख में नहीं हैं रोती, मन आस लगा कर लूटे, घट प्यास जगा कर टूटे, अब तो ख्वाबो में आ आकर, दिल को तड़पना छोड़ो, मन के सागर में भीषण, तूफान उठाना छोड़ो। प्रदीप्त हुए मन के सब, आसो की लाज बचाते, कुछ पल को आते लेकिन, है अंत समय, तुम आते, कब से वीरानी खिड़की, है आज खुली तो लेकिन, तुम हो जो नहीं तो छत पर, ये दीप जलाना छोड़ो मन के सागर में भीषण, तूफान उठाना छोड़ो। हाथों में तेरे ये मेहंदी, जिसकी भी सजी, खुश रहना, हक मेरा नहीं तुझसे अब, कोई भी शिकायत कहना, तेरी सिंदूरी बिंदिया, बस दीप्त रहे जन्मों तक, लेकिन मिलते ही नज़रें, तुम नैन झुकाना छोड़ो, मन के सागर में भीषण, तूफान उठाना छोड़ो। कुछ ऐसा हो कि जीवन, गुजरे ये राह में तेरी, कुछ ऐसा हो कि जीवन, भटके ये राह में तेरी, कुछ ऐसा हो कि सारे, स्वप्नों का सार बनो तुम, जो ये हो तो मन में, य...

यादें

जिसकी चाह में ये दिल, जार जार रोया है, वो मुझे मिला तो पर, बार बार खोया है। ये भी तो कयामत कि, बिछड़ के भी जिंदा हैं, जिसकी याद में तकिया, बार बार धोया है। कुछ खता हमारी भी, थी कि तुम नह...

पैमानो ने भी तौबा कर ली,

पैमानो ने भी तौबा कर ली, आंख जो तेरी पल भर देखी बहक गया मयखाना खुद ही, चाल जो तेरी चल कर देखी। रंग धवल और रूप सलोना, मचल उठा दिल का हर कोना, खुशबू तेरी, जुल्फें तेरी, बहक के यूँ महबू...

अफसाना

दिल के दर्द को भी, अफसाना समझ बैठे, हमको भी वो वक्ती, दीवना समझ बैठे। क्या हाल मेरे दिल का, कह कर तो कोई आये, खुद गैरो के संग हैं हमको, बेगाना समझ बैठे। मैं घुट कर रह गया था, जो साथ तू...