Posts

Showing posts from July, 2019

बिखड़ी पंखुड़ियां : शुक्रिया

जो पलके उठा दो, ये जग संवर जाए जो पलके झुका दो, ये जग ठहर जाए, तुम्हे क्या जरूरत कहो शुक्रिया बस, तुम मुस्कुरा दो, ये जग मुस्कुराए,

बिखड़ी पंखुड़ियां: मोहब्बत के रंग

बहुत खूबसूरत हैं ये बातें तुम्हारी, जिन्दगी की मेरी ये जरूरत भी है, दिल पर तेरी अदाओं का जादू चला, इनसे ये जिन्दगी खूबसूरत भी है। 🌻🌻🌻🍀🌻🌻🌻🍀🌻🌻🌻 जुल्फों को सुलझाने की इज़ा...

मेरा डर

आज हमारे मन मे डर तो बहुत सारे है लेकिन सभी का अगर एक निचोड़ निकाला जाए तो डर सिर्फ इस बात का है कि जिस इंसान ने इंसानियत का बलात्कार करके, हैवानियत को अपना लिया है कब हम भी हैवान...

बिखड़ी पंखुड़ियां: दिल का दर्द

🌼🌼🌼🌾🌾🌾🌼🌼🌼🌻🌻🌻 मेरे जज्बात मचलते हैं मचल लेने दे, दिल के हालात बिगड़ते हैं बिगड़ लेने दे, आशिक हूँ मै नहीं करता इश्क का सौदा, दिल मेरा ये जो तड़पता है तड़प लेने दे।। 🌼🌼🌼🌾...

कसम

टुकड़ों टुकड़ों में घुट घुट के मरता हूँ मैं, झूठी कसमे कोई तो, मेरी खा रहा। तेरी महफ़िल में पी पी के बहके कभी, तेरी महफ़िल से प्यासा ही दिल जा रहा। इश्क़ जब से हुआ, दिल को क्या में कहूँ,...