तुमसे होने लगी, इश्क़ की गुफ्तगू, जिन्दगानी हमारी, सवँर जायेगी, ऐसे आये हो मेरी, कहानी में तुम, हर कहानी हमारी, सवँर जायेगी। तुम कहो तो मुझे, कुछ कही अनकही, दिल का कोई तराना, जो कह ना सके, मुझको आंखो मे ऐसे, बसा लो पिये, कोई आंसू कभी, इनसे बह ना सके, इश्क भी तो खुदा का ही वरदान है, अब खुशी कोई बचकर, किधर जायेगी ऐसे आये हो मेरी, कहानी में तुम, हर कहानी हमारी, सवँर जायेगी। वो जो छुटा, जो टूटा, तेरा कुछ न था, गम की यादें, मिटाने की, कोशिश तो कर, हर तरफ बस है बिखरी खुशी फूल सी, इनको बढकर उठाने की कोशिश तो कर, थोडा कर हौसला, खुद से नजरें मिला, तू जो हंस दें, बहारें बहक जायेंगी, ऐसे आये हो मेरी, कहानी में तुम, हर कहानी हमारी, सवँर जायेगी।