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हर सजा से वाकिफ हूँ

बिजलियां गिराने की, हर अदा से वाकिफ हूँ। हूँ दीवाना, दिल की मैं, हर सदा से वाकिफ हूँ। तू मुझे डरा ना यूँ , हाल मेरा क्या होगा, इस जहाँ में उलफत की, हर सजा से वाकिफ हूँ । झील सी निगाह...