मन उद्वेलित कर देते हो, भर स्वप्नों में रंग देते हो, कुछ ऐसी आभा है तुममे, सब सम्मोहित कर देते हो, कुछ शब्दों में, बांध लिया है, सारा सागर साध लिया है, कितना सुंदर, कितना मनोरम, भा...
इन आँखों की मस्ती में है, दोनों जहां की जीवन रेखा, इन होठों की लाली, लेकर, शाम ढले आलम है मय का। कौन कहे क्या, बीत रही है, दीवानों की इस महफ़िल मे मेरा दिल जो कहना चाहे, बात वही सबके ह...
बस मोहब्बत करके तन्हा, दिल भी है, और हम भी हैं। तू शमां जैसी, पतंगा दिल भी है, और हम भी है। इश्क़ करता जो न था तो, दिल मे कोई गम न था, मरघट सी थी एक उदासी, उमंग न थी, कोई रंग न था, दिल लगा कर ...
जब तक कि हम खड़े थे, सब साथ चल रहे थे, गिरने लगे है जब से, सब साथ छोड़ते है, मेरे सामने वो जैसे, दुनियाँ को थे बनाते, वैसे ही अब मेरे जज्बात छेड़ते हैं। कैसे कहूँ की हमको, कोई साथ चाहिए ...