काँटों के बीच खिलते हुए, ए हसीं गुलाब, तुझको पता क्या तेरे, दिवाने हैं बेशुमार. हजारों को तेरे हुस्न ने, दिवाना बना दिया, लाखों को तेरे इश्क ने, परवाना बना दिया. दिल ये भी तेरे प्...
पिया मिलन तू अमरलता के सम होगी, तू बात बात मुसकाएगी, जब साजन होंगे साथ सखी, तू फूलों सी खिल जायेगी। वो भी होगा एक रंग नया, जो तुझको जवां कर देगा और, जो तेरा रहेगा जीवन भर, वो प्रेम ...