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Showing posts from February, 2016

पत्रकारिता की दिशा

संभल कर रख कदम, तेरा तो कर्म सत्य बताना है. तू है पहरी जम्मूरियत का , तेरा बस सत्य ठिकाना है! नही हस्ती तेरी कोई, अगर तू झुक गया क्षण भर, तुझे तो बस हिमालय बन, तूफानों को हराना है! आज ...